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रविवार, 27 मार्च 2011

देश का प्रधान मौन है .

अमेरिका की पिछलग्गू सरकार
कैसे रोकेगी भ्रस्टाचार
प्रधानमंत्री  कहते  हैं 
मैं कमजोर हूँ 
बेईमान नहीं , 
जितना आप समझते  हैं.
यह गठबंधन की मजबूरी है
पर मेरी भूमिका जरूरी है
यह कुर्सी का ही तो लालच है
सी वी सी नाकारा है फिर भी वह हमारा है 
कॉमन वेल्थ की लूट है 
जनता के कान में खूट है 
सारे आदर्श धरे रह गए 
अब 2G स्पेक्ट्रम में छूट है 
अभी सिलसिला आगे चलेगा 
क्यों की S बैंडकी बारी है  
यह तो गलती से हो गया 
फिर भी जनता हमारी है 
हम सबकी प्यारी है 
 फिर से हमको वोट देगी 
हम उसको नोट देंगे 
यह देश का सौभाग्य है 
पर मेरा दुर्भाग्य है 
मैं तो अंकुश हूँ 
हर गलत चीज पर लगता हूँ 
पर अब तो गणबणझाला है 
अब देश का दिवाला है 
राम बचाए देश को    
 देश का प्रधान मौन है .


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